नई टिहरी। प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिये ठोस नीति न बनाये जाने पर संगठन के पूर्व अध्यक्ष ने रोष जताया है। उन्होंने कहा कि राज्य बने 23 वर्ष हो गये हैं, किसी भी सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिये ठोस नीति नहीं बनाई है, लगतार दिव्यांगजनों की अपेक्षा हो रही है। संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह रावत ने कहा कि समाज के अन्य वर्गों के लिये सरकार ने कई योजनाएं संचालित की है, लेकिन दिव्यांजनों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे दिव्यांगजनों में रोष व्याप्त है। बताया प्रदेश बनने से पूर्व प्रत्येक जिले में दिव्यांगजन कल्याण विभाग होते थे, जहां पर दिव्यांगजन की समस्याओं का समाधान होता था। लेकिन उत्तराखंड बनने के बाद राज्य सरकार ने दिव्यांगजन कल्याण विभाग का समाज कल्याण में विलय कर दिया, जिससे दिव्यांगों की समस्याऐं हल नहीं हो पाती है। उन्होंने प्रत्येक जिले में दिव्यांग कल्याण विभाग खोलने,दिव्यांग के लिये विशेष भर्ती अभियान चलने,दिव्यांग परार्मश समिति बनने,विभिन्न विभागों में दिव्यांगों की भर्ती करने,राज्य परिवहन की बसों में दिव्यांगों को निशुल्क यात्रा सहित अन्य मांगों पर उचित कार्यवाही की मांग की है।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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