हल्द्वानी। मानसून व गर्मी में हल्द्वानी शहर में पानी की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी वंदना ने शनिवार को शीशमहल फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शहर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए शीशमहल प्लांट की क्षमता दोगुनी करने के सुझाव आए हैं। उन्होंने इसके तहत नए फिल्टर प्लांट के लिए नगर आयुक्त व सिटी मजिस्ट्रेट को भूमि चिह्नित किए जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कहा कि हल्द्वानी शहर को रोज 70 से 80 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। शीशमहल प्लांट व ग्रेविटी से करीब 35 एमएलडी पानी उपलब्ध हो पाता है। अतिरिक्त पानी के लिए नलकूपों पर निर्भर रहना पड़ता है। मानसून में मोटर या पम्प खराब होने से जलापूर्ति प्रभावित होती है। हल्द्वानी शहर में भूमिगत वाटर सप्लाई का लेवल काफी कम है। इसके लिए दीर्घकालीन प्रस्तावों पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के दीर्घकालीन प्रस्तावों में एक जमरानी बांध परियोजना है। जिसमें पूरे वाटर सप्लाई सिस्टम को ग्रेविटी बेस किया जाएगा। डीएम ने जल संस्थान के अधिकारियों को प्रस्तावित समाधानों के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेटाचा सिंह, अधीक्षण अभियंता विशाल सक्सेना, अधिशासी अभियंता अशोक कुमार कटारिया, आरएस लोसाली, सहायक अभियंता रविन्द्र कुमार मौजूद रहे।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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