राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही मुख्य मार्गों पर दुर्घनाओं का बना है अंदेशा
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: भले ही सरकारी सिस्टम आमजन को यातायात नियमों के पालन की सीख दे रहा हो। लेकिन, हकीकत यह है महकमा स्वयं की जिम्मेदारियों को लेकर लापरवाह बना हुआ है। हालत यह है कौड़िया से सिद्धबली तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब तरीके से खड़े भारी वाहन सड़क दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। बावजूद इसके सरकारी सिस्टम इनकी ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। सबसे अधिक दुर्घटनाओं का अंदेशा रात के समय बना रहता है।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में शायद ही कोई ऐसी सड़क हो जहां आपको सड़क किनारे भारी वाहनों की लंबी कतार न दिखाई दे। दिन-रात सड़क पर पार्क हुए इन वाहनों से हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। सबसे बुरी स्थिति कौड़िया से सिद्धबली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी रहती है। जबकि, उक्त मार्ग पर ही शहरवासी सबसे अधिक आवाजाही करते हैं। यही स्थिति कौड़िया से मवाकोट के मध्य व पटेल मार्ग से आर्मी कैंटीन तक बनी रहती है। देवी रोड में भी जगह-जगह खड़े वाहन आमजन के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।

बीच सड़क से आवाजाही
सड़क पर बेतरतीब खड़े भारी वाहनों के कारण शहरवासियों का सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में लोगों को फुटपाथ के बजाय बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों की बनी रहती है। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए शहरवासी कई बार उच्च अधिकारियों से गुहार भी लगा चुके हैं। लेकिन, अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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