जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी: रामलीला मंचन के लिए इस साल पहली बार अभिनय, नृत्य और गायन में ऑडिशन रखा गया। जिसमें स्थानीय बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। रामलीला के प्रति नई पीढ़ी के बच्चों का रुझान देखकर समिति के पधाधिकारी और कार्यकर्ताओं में काफी खुशी बनी हुई है। समिति के अध्यक्ष उमाचरण बड़थ्वाल ने कहा कि भविष्य में रामलीला की इस धरोहर को सहेजने में नई पीढ़ी का यह उत्साह मील का पत्थर साबित होगा।
ऑडीशन में संगीत निर्देशक और कलाकारों के चयन की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज रावत अंजुल ने बताया कि पौड़ी रामलीला की एक विशेषता रही है कि यह बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर पीढ़ी के लिए अवसर प्रदान करती है। संगीत की तीनों विधाओं के सम्मिश्रण से सुसज्जित लोकरंजन की यह विधा उत्तरोत्तर प्रगति के मार्ग पर दिनोंदिन अग्रसर है। यह जीता जागता थिएटर बहुत मेहनत से अभ्यास के कई चरणों से गुजरता हुआ दर्शकों तक पहुंचता है। जिसमें निर्देशकों की अहम भूमिका होती है। कहा कि समिति का उद्देश्य यही है कि जो भी किरदार मंच पर खड़ा हो वह जीवंत अभिनय करे। ऑडीशन में निर्णायक की भूमिका में संगीत निर्देशक मनोज रावत अंजुल के साथ ही चंद्रमोहन चमोली, सुदर्शन बिष्ट और सुनील रावत मौजूद रहे। संगीत में प्रमेन्द्र नेगी, नवांश बहुगुणा ने साथ दिया। इस मौके पर कमेटी के सचिव राम सिंह रावत, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र रावत विक्रम गुसाईं आदि शामिल रहे।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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