बद्री केदार समिति की ओर से आयोजित किया गया रामलीला मंचन
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: बद्री केदार समिति की ओर से आयोजित रामलीला में शनिवार रात रावण वध का मचन किया गया। इस दौरान रावण का वध होते ही पूरा पंडाल जय श्री राम के जयघोष से गूंज उठा।
बेलाडाट में आयोजित रामलीला में भगवान राम और रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया गया। रावण के सिर बार-बार काटने पर पुन: आ जाते हैं, ऐसे में विभीषण श्रीराम के पास आते हैं और बताते हैं कि रावण की नाभि में अमृत है। जब तक अमृत को नहीं सुखाया जाएगा तब तक रावण की मृत्यु नहीं हो पाएगी। उसके बाद भगवान राम बाण मारकर रावण की नाभि का अमृत सुखा देते हैं। उसके बाद रावण गिर जाता है। रावण के जमीन पर गिरने के बाद भगवान राम लक्ष्मण को रावण के पास जाकर राजनीति की शिक्षा लेने का आदेश देते हैं। लक्ष्मण रावण के सिर के पास खड़े होकर राजनीति की शिक्षा देने को कहते हैं। रावण कहता है कि यदि उन्हें शिक्षा लेनी है तो वह उनके पैरों के पास खड़े हों। रावण की यह बात सुनकर लक्ष्मण भगवान राम की ओर देखते हैं। राम, लक्ष्मण को रावण के पैरों के पास खड़े होने को कहते हैं। उसके बाद लक्ष्मण रावण के पैरों के पास जाकर खड़े हो जाते हैं। रावण लक्ष्मण को शिक्षा देता है और बाद में प्राण त्याग देता है। इसके बाद रामलीला का पूरा मंचन राज के जयघोष से गूंज उठता है। इस मौके पर दिनेश चंद्र ध्यानी, नीरज ध्यानी, दीपक गौड़, शशि देवी, शांति देवी, शांतनु थपलियाल, सुदीप बैंठियाल, संदीप रावत आदि मौजूद रहे।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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