श्रीहरिकोटा, एजेंसी। सब कुछ सही था, काउंटडाउन शुरू हो गया था, लेकिन लांचिंग से चंद सेकंड पहले गगनयान के प्रक्षेपण को रोकना पड़ा। फिर इसरो के वैज्ञानिकों ने कमर कसी और जो मिशन था, उसे पूरा करने में जुट गए। वैज्ञानिकों ने महल आधे घंटे में ही तकनीकी खामी को दूर कर इतिहास रच दिया। ठीक दस बजे गगनयान के कू्रमॉड्यूल की लांचिंग कर दी गई और मानव रहित गगनयान मिशन की पहली परीक्षण उड़ान सफल हो गई। जानकारी के अनुसार मिशन गगनयान का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक हो गया है।
पहले ट्रायल सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर होना था, लेकिन प्रक्षेपण से कुछ समय पहले रोक दिया गया था। तकनीकी खामी की वजह से परीक्षण को थोड़ी देर के लिए टालना पड़ा। इससे पहले इसरो अध्यक्ष डा. सोमनाथ एस. ने कहा कि इंजन इग्निशन नहीं हो रहा था। प्रक्षेपण के पहले निर्धारित समय सुबह आठ बजे को 45 मिनट आगे बढ़ाए जाने के बाद बाद मिशन नियंत्रण केंद्र के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वचालित प्रक्षेपण क्रम शुरू किया गया था, लेकिन प्रक्षेपण का प्रयास नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि स्वचालित प्रक्षेपण अनुक्रम सुचारू था, लेकिन इंजन का प्रज्वलन नहीं हुआ। प्रक्षेपण यान सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि हम प्रक्षेपण यान तक पहुंचेंगे और इंजन के न जलने के बारे में अध्ययन करेंगे। डा. सोमनाथ ने कहा कि हम इस विसंगति को दूर करने के बाद जल्द ही वापस आएंगे कि ऑनबोर्ड कम्प्यूटरों ने इंजन को प्रज्वलित क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि लांच को पुनर्निर्धारित किया गया है और जल्द ही नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।
