चमोली : लगभग 11 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित भगवान रुद्रनाथ के कपाट बुधवार को विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए प्रात: बंद किये जायेंगे । इसके बाद भगवान रुद्रनाथ का उत्सव विग्रह डोली के साथ अपने गद्दी स्थल गोपेश्वर गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगा। रुद्रनाथ के पुजारी पंडित जनार्दन प्रसाद तिवारी ने बताया भगवान रुद्रनाथ जहां भगवान भोलेनाथ के मुखारविंद (मुखमंडल) के दर्शन होते हैं। ऐसे पवित्र शिव तप स्थली रुद्रनाथ गुफा मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार के साथ बंद किये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि इस समय रुद्रनाथ में चारों ओर बर्फ पड़ी हुई है। इसके बाबजूद भी भगवान के कपाट बंद होने की प्रक्रिया देखने और भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्रनाथ पहुंच गये हैं। भगवान के उत्सव विग्रह की डोली लाने लिए हक हकूक धारी भी रुद्रनाथ पहुंच गए हैं। (एजेंसी)

चमोली : लगभग 11 हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित भगवान रुद्रनाथ के कपाट बुधवार को विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए प्रात: बंद किये जायेंगे । इसके बाद भगवान रुद्रनाथ का उत्सव विग्रह डोली के साथ अपने गद्दी स्थल गोपेश्वर गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगा। रुद्रनाथ के पुजारी पंडित जनार्दन प्रसाद तिवारी ने बताया भगवान रुद्रनाथ जहां भगवान भोलेनाथ के मुखारविंद (मुखमंडल) के दर्शन होते हैं। ऐसे पवित्र शिव तप स्थली रुद्रनाथ गुफा मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार के साथ बंद किये जायेंगे। उल्लेखनीय है कि इस समय रुद्रनाथ में चारों ओर बर्फ पड़ी हुई है। इसके बाबजूद भी भगवान के कपाट बंद होने की प्रक्रिया देखने और भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्रनाथ पहुंच गये हैं। भगवान के उत्सव विग्रह की डोली लाने लिए हक हकूक धारी भी रुद्रनाथ पहुंच गए हैं। (एजेंसी)

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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