
रानीखेत (सतीश जोशी):
बृहस्पतिवार को आहूत हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रानीखेत के सिविल एरिया को छावनी से अलग करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने के बाद पिछले 301 दिनों से गांधी चौक में धरना प्रदर्शन कर रहे रानीख़ेत विकास संघर्ष समिति के सदस्यों ने आभार व्यक्त कर ख़ुशी का इज़हार किया है। संघर्ष समिति ने आन्दोलन इतने लंबे समय से लगातार सहयोग हेतु क्षेत्र की जनता, व्यापारियों छात्र संघ, बार एसोसिएशन सहित सभी संगठनों का आभार भी व्यक्त किया। ग़ौरतलब है कि रानीखेत विकास संघर्ष समिति के सदस्य रानीखेत के सिविल एरिया को नगरपालिका में शामिल करने की माँग को लेकर पिछले 301 दिनों से धरने पर डटे हैं। बृहस्पतिवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के छावनी क्षेत्रों को पृथक कर अलग किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा केंद्र सरकार को भेज दिया। खबर मिलते ही समिति के सदस्यों सहित विभिन्न संगठनों के चेहरे खिल गये। समिति ने एकत्र होकर सभी को बधाई दी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार जताया। इस प्रस्ताव के बाद अब शीघ्र ही रानीखेत के वाशिंदों को कैंट से मुक्ति मिलने की आस जगी है। संघर्ष समिति का यह भी यह भी कहना था कि जब तक इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की पूर्ण सहमति जारी नहीं होती और रानीखेत के सिविल एरिया को नगरपालिका में शामिल नहीं किया जाता है, तब तक उनका आन्दोलन यूं ही अनवरत जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री का आभार जताने वालों में दीप भगत, कैलाश पांडेय, हेमंत माहरा, दीपक गर्ग, खजान जोशी, सोनू सिद्धिकी, गिरीश भगत, पंकज गुरूरानी आदि मौजूद थे।
