राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय शिविर के दूसरे दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
दिन का प्रारंभ स्वयंसेवियों को योगासन करवा कर किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी जी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरों में भाग लेने से विद्यार्थियों को व्यक्तित्व निर्माण का सुनहरा अवसर प्राप्त होता है। सामाज के प्रति उत्तरदायित्व, आचरण में ईमानदारी एवं निष्ठा तथा देशभक्ति की भावनाओं को आत्मसात करने का यह अवसर अध्ययनकाल में मिलना आगामी जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है। साथ ही उन्होंने स्वयं सेवी विद्यार्थियों की रहने और भोजन आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इसके बाद सभी स्वयंसेवी विद्यार्थियों ने सुलीथांग एवं चुपलिया गाँव में स्वच्छता कार्यक्रम के अन्तर्गत जनजागरण रैली निकाली।
भोजनावकाश के बाद बौध्दिक सत्र में डॉ यशवंत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरों के माध्यम से विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनते हैं और उनका सर्वांगीण विकास होता है। इसके बाद डॉ० भूपेश चन्द्र पंत ने स्वयंसेवियों को शिक्षा का अर्थ तथा महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में मूल्यों का निर्माण शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। सत्य,शांति, अहिंसा, प्रेम, सदाचार यह सभी मूल्य यदि हमारे जीवन में नहीं है तो हमारा जीवन अधूरा है। तत्पश्चात एकल गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें निर्णायक मंडल में डॉ० यशवंत सिंह, डॉ० निशि दुबे एवं डॉ० आराधना राठौर सम्मिलित रहे। प्रथम स्थान आयुषी निर्मल, द्वितीय स्थान पर संध्या बडोनी और तृतीय स्थान पर सर्वेश रहे। इन सभी गतिविधियों में कार्यक्रम अधिकारी डॉ० कृष्णा डबराल, डॉ० अशोक कुमार अग्रवाल एवं डॉ० सुगंधा वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *