हरिद्वार 6 मार्च।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज और लाइन मोंक प्रा.लि. ऑस्ट्रेलिया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता पर हस्ताक्षर हुआ। इससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी, तो वहीं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नैतिक और समाजोपयोगी तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जायेगा।
इस समझौते पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी और लाइन मोंक प्रा.लि. के निदेशक श्री गौरव खन्ना ने हस्ताक्षर किए।
मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया की अग्रणी तकनीकी कंपनी के रूप में प्रसिद्ध लाइन मोंक प्रा.लिमिटेड और देव संस्कृति विश्वविद्यालय मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नैतिक तकनीकी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करेगी। इसका उद्देश्य छात्रों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान प्रदान करते हुए उन्हें समाजोपयोगी और नैतिक दिशा में प्रशिक्षित करना है।
विवि प्रशासन ने बताया कि यह साझेदारी अगले तीन वर्षों तक चलेगी और इस दौरान विभिन्न शोध परियोजनाओं और सहयोगात्मक कार्यक्रमों को मूर्त रूप दिया जाएगा। तकनीक और परंपरा के इस अद्वितीय मिलन से समाज और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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