
हरिद्वार में आज कुंभ–2027 की तैयारियों को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक सभी अपेक्षाओं से बढ़कर रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 13 अखाड़ों ने सर्वसम्मति से अर्धकुंभ को पूर्ण कुंभ की तरह मनाए जाने और अमृत स्नान आयोजित करने पर सहमति दी। पहली बार किसी अर्धकुंभ में ऐसा सामंजस्य और सहयोग देखने को मिला।
मुख्यमंत्री धामी ने दिया संतों को अत्यधिक सम्मान

सीएम धामी सुबह 11:00 बजे बैठक स्थल पहुँचे।
उन्होंने स्वयं संतों के पास जाकर माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया।
उनका यह भाव और विनम्रता संत-समाज में प्रशंसा का विषय रही।
सीएम धामी का वक्तव्य:
“आपकी परंपराएँ ही कुंभ की आत्मा हैं। सरकार हर कदम पर आपके साथ है।”
मेला अधिकारी सोनिका जी का प्रभावी प्रस्तुतीकरण

इसके बाद मेला अधिकारी सोनिका ने
कुंभ–2027 की तैयारियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
अखाड़ों ने उनके कार्य को “व्यवस्थित और संत-समाज के अनुकूल” बताया।
13 अखाड़ों की एकमत सहमति
बैठक में सभी अखाड़ों—निरंजनी से लेकर निर्मल पंचायती अखाड़े तक सभी 13 अखाड़ों ने क्रमवार अपने विचार रखे।
सबका एक ही स्वर था:
अमृत स्नान हरिद्वार में पूर्ण कुंभ जैसी दिव्यता के साथ हो।
बैठक का समापन और पवित्र भोजन
सीएम धामी जी ने समापन उद्बोधन में कहा:
“कुंभ उत्तराखंड की आत्मा है, इसे आदर्श रूप में प्रस्तुत करेंगे।”
इसके बाद मुख्यमंत्री जी ने गंगा तट पर संतों संग भोजन किया और पहले स्वयं भोजन परोसा।

