
रानीखेत (सतीश जोशी) रानीखेत विकास संघर्ष समिति ने मंगलवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से चुनाव आयोग के नाम प्रेषित एक ज्ञापन सौपा। चुनाव आयोग को भेजे पत्र में संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि छावनी परिषद क्षेत्र के सिविल एरिया को नगरपालिका में सम्मिलित किए जाने को लेकर संघर्ष समिति ने चुनाव आचार संहिता से पूर्व 1 वर्ष से अधिक समय तक धरना प्रदर्शन किया। लेकिन बावजूद इसके सरकार ने इन महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई भी सार्थक पहल नहीं की। जिसके विरोध स्वरूप आगामी लोकसभा व सभी चुनावो का छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया के निवासी पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे। समिति के पदाधिकारियों का कहना था कि चुनाव बहिष्कार को लेकर नगर में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।
मंगलवार को विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा चुनाव आयोग के नाम का एक ज्ञापन संयुक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। जिसमें कहा गया कि रानीखेत नगर की जनता की मांग वर्षों से नगर पालिका बनाए जाने को लेकर चली आ रही है। जिसके चलते संघर्ष समिति ने 1 वर्ष से अधिक समय तक धरना प्रर्दशन कर सरकार को चेताने का काम किया। लेकिन उसके बावजूद भी छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर पालिका में सम्मिलित किए जाने की मांग को दरकिनार कर दिया गया। कहां की विभिन्न समस्याओं से जूझते रानीखेत के लोगो का साहस टूट चुका है। उन्होंने कहा कि समिति ने निर्णय लिया है की छावनी क्षेत्र के लोग आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर विरोध दर्ज करेंगे। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव बहिष्कार को लेकर समिति के लोग घर-घर जाकर चुनाव बहिष्कार को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे।
संयुक्त मजिस्ट्रेट को चुनाव आयोग को प्रेषित ज्ञापन देने वालों में गिरीश भगत, कैलाश पांडेय, उमेश भट्ट, खजान पांडे, एमसी शाह, बसंत आर्य, हरीश अग्रवाल, चारु पत आदि सम्मिलित थे।
