नैनीताल। प्रदेश की सड़कों के किनारे चिह्नित अतिक्रमण हटाने के मामले को पूर्व सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता ड़ महेंद्र पाल ने हाईकोर्ट के समक्ष मेंशन करते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की। जिस पर हाईकोर्ट ने उनसे कहा कि इस मामले में याचिका लेकर आएं इसके बाद ही सुनवाई की जाएगी। ऐसे में महेंद्र पाल जल्द ही इस मामले में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने नदी, वन भूमि और सभी सड़कों के किनारे से अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश सभी के सभी जिलों के डीएम को दिया है। साथ ही मामले में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। जिसके बाद से प्रदेश भर में सड़कों के किनारे किए गए अतिक्रमण को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। नैनीताल व भीमताल क्षेत्र में करीब 550 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जिसमें कई स्थाई व अस्थाई दुकानों से लेकर आवासीय भवन तक शामिल हैं। इससे कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
मामले में गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद अधिवक्ता ड़ महेंद्र पाल ने कोर्ट में मेंशन किया। जिसमें कहा है कि इस वक्त प्रदेश आपदा से जूझ रहा है। दूसरी आपदा प्रशासन द्वारा लोगों पर डाली गई है। जिससे राज्य के कई घर परिवारों पर रोजी रोटी का संकट बन गया है। इससे न सिर्फ पहाड़ से पलायन होगा बल्कि बेरोजगारी भी राज्य में बढ़ेगी। बिना उनके पक्ष को सुने उन्हें नहीं हटाया जा सकता। सभी ने अतिक्रमण नहीं किया है।

 

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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