नई दिल्ली, एजेंसी। काफी दिनों से कोई बारिश न होने के कारण दिल्ली-यूपी समेत देश के कई राज्यों में जमकर गर्मी पड़ रही है। दोपहर में निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को कहा दक्षिण-पश्चिम मानसून की सितंबर में फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बारिश होगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि सितंबर में 167.9 मिमी की लंबी अवधि के औसत के 91-109 प्रतिशत के बीच सामान्य वर्षा होने की संभावना है। हालांकि, महापात्र ने कहा कि भले ही सितंबर में बारिश अधिक रहे, लेकिन जून-सितंबर में मौसमी बारिश का औसत सामान्य से कम रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अगस्त में कम वर्षा गतिविधि के पीछे भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो स्थितियों का विकास सबसे महत्वपूर्ण कारक था। हिंद महासागर डिपोल में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के समुद्री सतह के तापमान में अंतर सकारात्मक होना शुरू हो गया है, जो अल नीनो प्रभाव का मुकाबला कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैडेन जूलियन ऑसिलेशन बादलों की पूर्व दिशा की ओर बढ़ती गति है और उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में वर्षा भी अनुकूल हो रही है और मानसून के पुनरुद्धार में भूमिका निभाती है।
भारत में 1901 के बाद से इस साल अगस्त के सबसे अधिक शुष्क रहने का अनुमान
बता दें कि भारत के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि भारत में 1901 के बाद से इस साल अगस्त के सबसे अधिक शुष्क रहने का अनुमान है और यह स्पष्ट रूप से अल नीनो स्थितियों के तीव्र होने का नतीजा है। मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इसके अलावा, इस साल का मानसून 2015 के बाद से सबसे अधिक शुष्क हो सकता है, जिसमें 13 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है।

 

 

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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