

रानीखेत (सतीश जोशी): पर्यटक नगरी से ४५ किमी की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध स्थल पांडवखोली में रविवार की रात्रि से लगातार हो रही बर्फबारी से पूरा क्षेत्र लकदक हो गया। यहां तीसरे दिन भी बारिश एवं बर्फबारी का दौर जारी है। लंबे ड्राई स्पैल के बाद कई इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। प्रसिद्ध पांडवखोली और भरतकोट में रविवार से जमकर बर्फबारी होने से समूचे क्षेत्र ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है।
प्रदेश के कई ऊंचाई वाले क्षेत्र पिछले कई दिनों से हो रही बर्फबारी से लकदक हो गए हैं। जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश दर्ज हुई है। कई जगह बर्फबारी की आस में पहले से पहुंचे सैलानी बर्फ के फाहे गिरते देख झूम उठे। लेकिन पहली बर्फबारी दुश्वारियां लेकर भी नमूदार हुई है। पहाड़ों में कई जगह संपर्क अन्य भागों से कट गया है। कुछ जगह बिजली आपूर्ति ठप है। बर्फबारी के बाद कई पर्वतीय मार्ग बंद हैं। बर्फबारी से जहां ठंड में इजाफा हुआ है, वहीं किसानों एवं बागवानों को भी राहत मिली है। पांडवखोली में रविवार से जमकर हो रही बर्फबारी के कारण इस ऊंचाई वाले मनोरम स्थल की छटा देखते ही बनती है। भीम की गुदड़ी पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।जिस कारण इस मनोरम स्थल का प्राकृतिक सौंदर्य और अधिक निखर आया है। रानीखेत एवं आसपास के क्षेत्रों के लोग बर्फ़बारी का आनंद लेने को पांडवखोली पहुँच रहे हैं।
