हल्द्वानी। मेडिकल कलेज हल्द्वानी के बाल रोग विभाग की ओर से रविवार को परिसर में उन्नत नवजात पुनर्जीवन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ एसटीएच के एमएस ड. जीएस तितियाल ने किया। मास्टर ट्रेनर व बाल रोग विभाग की एचओडी ड़ रितु रखोलिया ने बताया कि जब बच्चा गर्भाशय से बाहर दूसरे वातावरण में आता है तो पहले मिनट में उसका सांस लेना अतिआवश्यक है। पहले ही मिनट में सांस न होने पर बच्चे के मस्तिष्क में अक्सीजन की कमी हो जाती है। जिससे उसका मस्तिष्क एवं हृदय डैमेज हो जाता है और बच्चा गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है। बाल रोग विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मां की हालत गंभीर होने पर भी नवजात शिशुओं को उन्नत नवजात तकनीक द्वारा बचाया जा सकता है। देहरादून से आए ड़ विशाल कौशिक, ड़ राकेश कुमार, ड़ साक्षी ने चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान ड़ रवि, ड़ पूजा अग्रवाल, ड़ प्रणय, ड़ अजय पांडे, ड़ पूजा अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

 

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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