श्रीनगर गढ़वाल : हिमालयन साहित्य एवं कला परिषद् श्रीनगर गढ़वाल की ओर से कवि चंद्र कुंवर बत्र्वाल की जयंती पर साहित्यक गोष्ठी का आयोजन किया गया। परिषद की प्रधान प्रो. उमा मैठाणी की अध्यक्षता में हुए समारोह में प्रो. सम्पूर्ण सिंह रावत ने प्रकृति के चितेरे कवि चंद्र कुंवर बत्र्वाल के रचनात्मक कार्यों का विश्लेषण किया। जबकि प्रो. आशुतोष गुप्ता जी ने चंद्र कुंवर बत्र्वाल के कृतित्व पर प्रकाश डालने के साथ ही उनकी एक कविता का पाठ भी किया। मौके पर परिषद् द्वारा सर्व सम्मति से चंद्र कुंवर बत्र्वाल की स्मृति में साहित्यिक पीठ या शोध अकादमी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।
गोष्ठी में डा. प्रकाश चमोली ने कवि के अप्रकाशित रचना संसार को संग्रहित कर हिंदी साहित्य जगत में स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। अजय चौधरी ने कवि की प्रसिद्ध रचना ‘अब छाया में गुंजन होगा, वन में फूल खिलेंगे.., का हारमोनियम वादन के साथ सस्वर गायन कर माहौल को संगीतमय बना दिया। गढ़वाल विवि की शोध छात्रा रेशमा पंवार, मेनका मिश्रा, जय कृष्ण पैन्यूली ने कवि की रचनाओं का पाठ किया। कवियत्री साईनीकृष्ण उनियाल ने हिमालय पर केंद्रित कविता का पाठ किया। मौके पर पूर्व राज्य मंत्री एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णा नंद मैठाणी, विमल बहुगुणा, नीरज नैथानी, पूनम रतूड़ी, मीनाक्षी चमोली, केपी काला, लखपत भण्डारी, वासुदेव कंडारी, संतोष पोखरियाल, प्रवेश चमोली, गंगा असनोड़ा थपलियाल, डा. प्रदीप अणथ्वाल, सतीश बहुगुणा, संदीप रावत, विवि छात्रा प्रतिनिधि मोनिका, अंजलि बुटोला, अंकित रावत आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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