वैसे तो वहाँ पर सड़क नहीं है कच्चा रास्ता है जो पानी से लबालब हो गया है और ऐसे में वहाँ पर आवागमन बंद हो गया । प्रोफ़ेसर अर्चना गौतम प्राचार्य की गाड़ियां फँस गईं वहीं डॉक्टर सुनील कुमार की गाड़ी धँस गई, प्रोफ़ेसर सतेंद्र कुमार की गाड़ी के ऊपर पेड़ गिरने से गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई

सभी कॉलेज पहुँचे वहाँ न कोई नेटवर्क ना कोई GO टैग

कुल मिलाकर बड़ी मुश्किल से कॉलेज पहुँचे

अब चिंता का कारण बना हुआ है यदि इस प्रकार की बरसात लगातार रही तो आने वाले समय में किस प्रकार से कॉलेज पहुँचा जाएगा जहाँ ना बिजली है ना पानी है ना रास्ता है न सड़क है
ऐसे में सरकार ने 12 करोड़ का कोलीज जंगल में खोल दिया जहाँ आवागमन मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है और साथ में जोखिम भरा है

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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