13 अगस्त की रात हुई अतिवृष्टि से लालपुल से करीब पांच सौ मीटर पहले ढह गया था पुश्ता
पिछले छह दिन से कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग पर बंद पड़ी है भारी वाहनों की आवाजाही
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पिछले छह दिन से कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग पर बंद पड़ी भारी वाहनों की आवाजाही जल्द शुरू हो सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने लालपुल से करीब पांच सौ मीटर पहले धराशायी हुए पुश्ते की मरम्मत शुरू कर दी है। वर्तमान में उक्त मार्ग पर केवल छोटे वाहनों की ही आवाजाही हो रही है।
13 अगस्त की रात हुई अतिवृष्टि से नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग को काफी नुकसान पहुंचा था। लालपुल से करीब ंपांच सौ मीटर पहले राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा ढहकर खोह नदी में समा गया था। वहीं, जगह-जगह राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से मलबा व बोल्डर भी गिर गये थे। 16 अगस्त की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने मलबा हटाकर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी थी। लेकिन, राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा ढहने के कारण पर्याप्त मार्ग नहीं होने से भारी वाहनों की आवाजही बंद ही रखी। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वाहनों से सामान पहुंचाना एक चुनौती बन गई है। पिछले छह दिन से राष्ट्रीय राजमार्ग में भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए गुरुवार से राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने धराशायी हुए पुश्ते की मरम्मत करनी शुरू कर दी है। पत्थर व लोहे के जाल डालकर पुश्ते की मरम्मत करवाई जा रही है। उम्मीद है तीन से चार दिन में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहन दौड़ने लगेंगे।

पग-पग पर खतरा
अतिवृष्टि के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कोटद्वार-दुगड़्डा का सफर खतरनाक हो चुका है। पल-पल पर बने डेंजर जोन वाहन चालकों को डरा रहे हैं। हल्की बारिश में ही पहाड़ों से मलबा व बोल्डर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिर रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को पूरी सावधानी के साथ आवागन करना चाहिए।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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