रुद्रप्रयाग। राज्य निर्माण के 22 वर्ष पूरे होने के बावजूद भी आज तक ऊखीमठ में पशुचिकित्सालय का भवन नहीं बन पाया है। वर्तमान में जिस किराए के भवन पर चिकित्सालय है वह भी जीर्णशीर्ण बना हुआ है। तहसील एवं विकासखंड मुख्यालय होने के बाद भी ऊखीमठ में पशुपालन विभाग के पास अपना पशुचिकित्सालय नहीं है। आलम यह है कि यहां जिस किराए के भवन पर चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है वहां पशुओं को ले जाने तक का पर्याप्त रास्ता तक नहीं है। जिससे बड़े जानवर वहां नहीं पहुंच पाते हैं। सन 1991 से किराए के भवन पर चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है। लेकिन अभी तक विभाग का अपना भवन नहीं बन पाया है। इससे पूर्व 1962 में जेबिरी के निकट पांच नाली भूमि पर चिकित्सालय का निर्माण किया गया था लेकिन 1991 के भूकंप से क्षतिग्रस्त होने के कारण तब से किराए के भवन पर संचालित किया जा रहा है। ऊखीमठ नगर क्षेत्र से लेकर मद्महेश्वर घाटी एवं तुंगनाथ घाटी के पशुपालक अपने पशुओं के इलाज के लिए यहीं आते हैं। उसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भूमि उपलब्ध न होने के कारण चिकित्सालय का नव निर्माण नहीं हो पाया है। पशुपालक प्रकाश वर्मा एवं राकेश चन्द्र ने बताया कि पशु चिकित्सालय उचित जगह पर न होने के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिला मुख्य पशुचिकित्साधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि चिकित्सालय के निर्माण के लिए भूमि की तलाश की जाएगी। उसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

 

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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