ऋषिकेश(आरएनएस)। एम्स संस्थान के सीटीवीएस विभाग के पीडियाट्रिक हार्ट सर्जन डॉ. अनीश गुप्ता ने बताया कि जब बिजनौर निवासी 13 वर्षीय खुशनुमा को एम्स लाया गया, तो उसकी हालत बहुत ही गंभीर थी। उसके शरीर का वजन बहुत ही कम था। इलाज होना असंभव सा लग रहा था। लेकिन किशोरी की छाती की सर्जरी कर हाई रिस्क ट्यूमर निकालने का जोखिम भरा निर्णय लिया गया और तकरीबन 2 घन्टे की मेहनत के बाद इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस दौरान क्रिटिकल कंडीशन की वजह से सर्जरी के बाद किशोरी को 2 बार वेन्टिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता पड़ी। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर किशोरी की छाती से ढाई किलो का ट्यूमर सफलता पूर्वक निकाला। एम्स की कार्यकारी निदेशक डा. मीनू सिंह ने चिकित्सकीय टीम को बधाई दी। सर्जरी करने वाली चिकित्सकीय टीम में सीटीवीएस विभाग के डॉक्टर अनीश गुप्ता, एनेस्थेसिया के डॉ. प्रवीण तलवार, डा. प्रदीप कुमार, डॉ. ईशान, शुभम, अभिशो, मंगेश, पूजा, जूपी, धरम, चांद, केशव, गौरव, प्रियंका, अमित, गीता आदि शामिल रहे।

ऋषिकेश(आरएनएस)। एम्स संस्थान के सीटीवीएस विभाग के पीडियाट्रिक हार्ट सर्जन डॉ. अनीश गुप्ता ने बताया कि जब बिजनौर निवासी 13 वर्षीय खुशनुमा को एम्स लाया गया, तो उसकी हालत बहुत ही गंभीर थी। उसके शरीर का वजन बहुत ही कम था। इलाज होना असंभव सा लग रहा था। लेकिन किशोरी की छाती की सर्जरी कर हाई रिस्क ट्यूमर निकालने का जोखिम भरा निर्णय लिया गया और तकरीबन 2 घन्टे की मेहनत के बाद इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस दौरान क्रिटिकल कंडीशन की वजह से सर्जरी के बाद किशोरी को 2 बार वेन्टिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता पड़ी। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर किशोरी की छाती से ढाई किलो का ट्यूमर सफलता पूर्वक निकाला। एम्स की कार्यकारी निदेशक डा. मीनू सिंह ने चिकित्सकीय टीम को बधाई दी। सर्जरी करने वाली चिकित्सकीय टीम में सीटीवीएस विभाग के डॉक्टर अनीश गुप्ता, एनेस्थेसिया के डॉ. प्रवीण तलवार, डा. प्रदीप कुमार, डॉ. ईशान, शुभम, अभिशो, मंगेश, पूजा, जूपी, धरम, चांद, केशव, गौरव, प्रियंका, अमित, गीता आदि शामिल रहे।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *