
हरिद्वार।
सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर निर्मल संतपुरा कनखल में शरबत और प्रसाद बांटा गया। इस अवसर पर संतपुरा के परमाध्यक्ष संत जगजीत सिंह महाराज ने स्वयं भक्तों को मीठा शरबत एवं प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि हमारे पांचवे गुरु अर्जन देव जी महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी और उन्होंने हरिमंदिर-स्वर्ण मंदिर की नींव रखी थी और गुरु ग्रंथ साहिब के ग्रंथ की रचना पूर्ण की थी। उनका राष्ट्र निर्माण में विशेष योगदान है। सिखों के तीसरे गुरु अमर दास जी के तप स्थान तीजीपात शाही सतीघाट कनखल में महंत रंजय सिंह महाराज एवं संचालिका बीबी बिन्निंदर कौर सोढ़ी की ओर से भी छबीली लगाकर भक्तों को शरबत बांटा गया है।
हर वर्ष पंचांग के अनुसार जेठ (ज्येष्ठ) माह के शुक्ल पक्ष की चौथे दिन मनाया जाता है। और आज गुरुवार को श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस मनाया गया। वे सिख पंथ के पहले शहीद थे, जिन्हें वर्ष 1606 में मुगल सम्राट जहाँगीर के आदेश पर अत्याचार करके शहीद कर दिया गया था। उन्होंने ही अमृतसर में हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) की नींव रखी और 1604 में आदि ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब जी का संकलन पूरा किया था। इस पवित्र दिवस पर जगह-जगह छबील लगाई जाती है यानी मीठा पानी-शरबत वितरित किया जाता है और गुरुद्वारों में लंगर का आयोजन किया जाता है।
