हरिद्वार ।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या भारतीय अध्यात्म एवं सनातन संस्कृति के वैश्विक विस्तार हेतु विदेश प्रवास पर हैं। इस बीच स्वीटजरलैण्ड के जिनेवा में डॉ पण्ड्या ने इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन (आईपीयू) की सेक्रेटरी जनरल सुश्री आंडा फिलिप से सौहार्द्रपूर्ण भेंट की और वैश्विक महत्व के समसामयिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
शांतिकुंज मीडिया विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान डॉ पण्ड्या ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के वैश्विक उद्देश्यों, फेथ और एआई, मूल्य-आधारित नेतृत्व, अंतरधार्मिक सहयोग तथा मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर चर्चा की। शांतिकुंज प्रतिनिधि डॉ. पंड्या ने भारतीय ज्ञान परंपरा और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना पर आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास मानवीय मूल्यों, नैतिकता और वैश्विक कल्याण के साथ होना चाहिए। उन्होंने तकनीकी प्रगति के साथ आध्यात्मिक दृष्टि और नैतिक नेतृत्व को भी समान रूप से आवश्यक बताया।
विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रवास के दौरान डॉ. पंड्या ने आईपीयू की कंसलटेशन ग्रुप की बैठक में भाग लिया। इसमें विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं, कूटनीतिज्ञों, शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर विचार साझा किए। डॉ पण्ड्या ने भारतीय अध्यात्म, सांस्कृतिक मूल्यों और मानव कल्याण की अवधारणा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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