
देहरादून। सुराज सेवा दल के सैकड़ो कार्यकर्ता लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के विरोध में यमुना कॉलोनी चौक पर एकत्रित होते हुए स्वास्थ्य मंत्री के आवास की ओर बड़े और स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री से मिलने की मांग की। अध्यक्ष रमेश जोशी ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में स्वास्थ्य व्यवस्था पर क्या नीति बनी और उससे आम उत्तराखण्डियों को क्या लाभ हुआ, एम्स जैसे अस्पताल में उत्तराखंड के 80% मरीजों को बेड ही नहीं मिलते सारा स्टाफ लगभग अन्य प्रदेशों का है जिसका उत्तराखंड में होना ना होना बराबर है उत्तराखंड के मरीजों को ऑपरेशन के लिए या स्वास्थ्य लाभ के लिए महीनों प्रतीक्षा रत रहना पड़ता है वही दून अस्पताल, कोरोनेशन, सुशीला तिवारी जैसे अस्पताल रेफर सेंटर बन गए हैं तमाम बड़े अस्पतालों में नेताओं _अधिकारियों की पार्टनरशिप है जहां आम जनता की कोई सुनवाई नहीं जो कि अस्पताल न होकर फाइव स्टार होटल बन गए हैं जो की सरकार की नीतियों की नाकामयाबी है आयुष्मान मात्र ढकोसला है सारे टेस्ट प्राइवेट सेंटरों मैं पैसों में होते हैं सारी दवाइयां मेडिकल स्टोर से पैसों में लेनी पड़ती है फिर आयुष्मान का क्या औचित्य बचता है अब तो सरकारी कर्मचारियों को भी गोल्डन कार्ड का लाभ नहीं मिल पा रहा पहाड़ों में रोज मरीज मर रहे हैं गर्भवती महिलाओं को उपचार नहीं मिल पा रहा फिर उत्तराखंड बनने का क्या लाभ हुआ दिल्ली वाले दलों ने प्रदेश को लूट कर रख दिया है विकास के नाम पर धरातल पर कार्य शून्य हैं और कागजों में सारा पैसा खर्च हो रहा है ।
प्रर्दशन करते समय बैरिकेडिंग पर कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोंक झोंक हुई और कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की प्रदर्शन करने वालों में महामंत्री देवेंद्र बिष्ट ,उपाध्यक्ष अजय मौर्या, संगठन मंत्री अतिश मिश्रा, जिला अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष विपिन पपोला , युवा मोर्चा अध्यक्ष हिमांशु धामी विधानसभा ,अध्यक्ष विजेंद्र, अमित अग्रवाल, कमल धामी, इंतजार ,आलम ,नौशाद, अजय ,सुंदर, विनोद राणा, दिव्यांश, अमित अग्रवाल, सूचित अग्रवाल, नितिन कटारिया,जावेद, राहुल, शहजाद, कुणाल ,शिवम, हाकम, उस्मान, इरफान, विजेंद्र राघव ,औरंगजेब, इरशाद, आदिल, कावेरी जोशी ,पूजा बिष्ट,पूजा नेगी ,संगीता गीता तोमर भूमिका, नसरीन,सुमन ,सोनम ,नेहा, वसीला, सहित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद थे
