अल्मोड़ा। विवेकानन्द पर्वतीय षि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा द्वारा 16-22 अगस्त के दौरान 18वें गाजर घास जागरूकता सप्ताह का आयोजन संस्थान के निदेशक ड लक्ष्मीकांत के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में प्रात: 1-2 घंटा गाजर घास के उन्मूलन हेतु जागरूकता तथा निर्मूल करने सम्बंधित कार्यक्रम युध्यायस्तर पर चलाया गया। साथ ही साथ 17 अगस्त को संस्थान के परिसर अल्मोड़ा में भी गाजरघास का उन्मूलन तथा जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इसी क्रम में 18 अगस्त को संस्थान के हवालबाग परिसर स्थित आवासीय कालोनी और खाकल सेक्टर में पार्थेनियम द्वारा प्रभावित विभिन्न स्थानों में उन्मूलन कार्य करने के साथ-साथ कालोनीवासियों को गाजर घास की संक्रामकता तथा इसके दुष्प्रभाव के विषय में जानकारी दी गई। 21 अगस्त को राजकीय इंटर कालेज हवालबाग अल्मोड़ा में पार्थेनियम के उन्मूलन पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों तथा विद्यालय के अन्य कार्मिकों को मानव और जानवरों में पार्थेनियम जनित स्वास्थ्य समस्याओं, उत्पादकता की हानि के साथ-साथ जैव विविधता जैसे विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक किया गया। 22 अगस्त को विवेकानन्द पर्वतीय षि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के प्रायोगिक फार्म हवालबाग में पार्थेनियम जागरूकता पर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें ड़ राजेंद्र प्रसाद मीणा द्वारा गाजर घास का पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव प्रबंधन तथा उपयोग के विभिन्न आयामों पर व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम का समन्वयन ड़ नमित तथा ड़ राजेंद्र प्रसाद मीणा कुमार द्वारा किया गया।

 

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed