उत्तराखंड के हरिद्वार से आने वाले एक युवा ने छोटे शहर के सपनों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने तक का प्रेरणादायक सफर तय किया एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच के रूप में।

उनकी यात्रा स्कूल के समय शुरू हुई, जब उन्होंने कक्षा 11 में फिजिकल एजुकेशन विषय चुना। खेलों के प्रति उनका जुनून उन्हें बैडमिंटन की ओर ले गया। रोजाना अभ्यास और भारतीय टीम की जर्सी पहनने का सपना उनके जीवन का लक्ष्य बन गया।

लेकिन इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान बार-बार होने वाली टखने की चोटों ने उनके करियर को प्रभावित किया। कई उपचारों और दिल्ली के लगातार चक्करों के बाद, वर्ष 2018 में उनकी सर्जरी हुई।

हार मानने के बजाय उन्होंने स्पोर्टस साइंस की दिशा में कदम बढ़ाया। हरिद्वार में सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने स्वयं पुनर्वास (Self-Rehabilitation) शुरू किया और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्णय लिया। इसके लिए वे हर सप्ताहांत दिल्ली जाकर American Council on Exercise (ACE) Certification की तैयारी करते थे।

वर्ष 2019 में उन्होंने प्रतिष्ठित CSCS Certification करने के लिए मुंबई का रुख किया। इसी दौरान उन्होंने जूनियर स्तर के क्रिकेट और फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ काम किया, जिससे उन्हें विभिन्न खेलों का अनुभव मिला। एक कठिन निर्णय लेते हुए उन्होंने प्रोफेशनल खेल छोड़कर पूरी तरह कोचिंग पर ध्यान केंद्रित किया।

इसके बाद उन्होंने 2023 में आयरलैंड के Setanta College से, जो एक American Irish University के अंतर्गत आता है, Performance Coaching में मास्टर्स पूरा किया। साथ ही वे RSCC Level Certified Coach भी हैं।

पहले ही प्रयास में CSCS परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने एक प्रमुख अकादमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। जल्द ही राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी उनकी मार्गदर्शन लेने लगे।

वर्ष 2022 में उन्हें Pro Kabaddi League में Team Tamil Thalaivas के लिए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच के रूप में काम करने का अप्रत्याशित अवसर मिला। उनकी टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई, जो एक बड़ी उपलब्धि थी।

वर्ष 2023 में वे बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के National Centre of Excellence से जुड़े। वर्ष 2024 में उन्होंने बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ पहली बार उन्होंने भारतीय टीम की जर्सी पहनी और अपना आजीवन सपना पूरा किया। तब से लेकर आज तक वे लगातार भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और यह सफर निरंतर जारी है।

2020 से 2025 तक उन्होंने पूरे भारत में अनेक कोचों को स्पोर्ट्स साइंस की शिक्षा दी। वर्तमान में वे Sports Authority of India (SAI) के पैनल का हिस्सा हैं, जहाँ वे ग्रासरूट, इंटरमीडिएट और एडवांस स्तर के बैडमिंटन कोचों को प्रशिक्षण देते हैं।

उन्होंने अपना स्वयं का ब्रांड THEVGCONDITIONING भी स्थापित किया है, जिसके माध्यम से वे एजुकेशनल बैच चलाकर

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देशभर के कोचों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

वे आज भी स्पोर्ट्स साइंस शिक्षा के माध्यम से भारत के खेल तंत्र को बदलने के अपने अनंत सपने की ओर लगातार कार्यरत हैं। उनका उद्देश्य कोचों, अभिभावकों और खिलाड़ियों को सशक्त बनाना, चोटों को कम करना और भारतीय खेलों का भविष्य मजबूत बनाना है।

उनका ब्रांड THEVGCONDITIONING भी इसी सोच को दर्शाता है, जिसकी टैगलाइन है –

“Educating coaches, elevating athletes means revolutionizing sports.”

और वे इसी विजन को आगे बढ़ाने में निरंतर लगे हुए हैं।

भूपेंद्र कुमार

By भूपेंद्र कुमार

प्रधान संपादक

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